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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
आपदा प्रबन्धन एवं संकट समाधान में ग्राम पंचायत की भूमिका: बिहार राज्य के सन्दर्भ में
Authors
अमरकांत पासवान
Abstract
विगत कुछ दशकों में ऐसा देखा गया है, बिहार राज्य आवर्ती प्रकृति की कतिपय आपदाओं से ग्रसित रहा है। इन आपदाओं से निजी एवं सरकारी जानमाल की क्षति होती है, अर्थव्यवस्था क्षत-विक्षत होती है तथा प्रभावित आबादी का भीषण दुख एवं कठिनाई से सामना होता है। ऐसा महसूस किया जाता है कि इनमें से कई आपदाएँ परिहार्य है, या/और ऐसी है जिनका निवारण एवं न्यूनीकरण किया जा सकता है। समय आ गया है कि राज्य के विभिन्न हिस्से में नियमित रूप से और अवसर आनेवाली इन प्राकृतिक आपदाओं पर दृष्टिपात करते हुए इनके प्रभावों को घटाने एवं प्रभावित आबादी को सहायता मुहैया करने हेतु एक रणनीति का निर्धारण किया जाय। ससमय एवं दक्षतापूर्वक तैयार की गई कार्ययोजना से अचानक आनेवाली किसी आपदा के समय भी अनेक जिन्दगियों और विशाल सम्पति को बचाया जा सकता है, क्योंकि सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र एवं समुदाय को कुशलतापूर्वक विनिर्धारित एक कार्य योजना के कार्यान्वयन में लगाया जा सकता है। आपदा के समय तत्काल सहायता के लिए स्थानीय समुदाय, उसके संगठन एवं सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं का महत्वपूर्ण दायित्व बनता है। यदि सहायता पहुंच भी जाए तो कहां किस प्रकार की मदद जरूरी है. वह भी स्थानीय समुदाय ठीक तरह से तय कर सकता है। इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि स्थानीय समुदाय को आपदाओं के प्रति जागरूक करना चाहिए। हमारे देश में ग्रामीण स्तर पर पंचायतें गठित की गई है। अनेक सामाजिक संगठन सहायता एवं सहयोग के लिए कार्य करते हैं। यदि ये सभी आपदा के समय मिलकर उनका सामना करें तो ऐसे संकटों का प्रभाव घटाया जाना संभव है।
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Pages:99-101
How to cite this article:
अमरकांत पासवान "आपदा प्रबन्धन एवं संकट समाधान में ग्राम पंचायत की भूमिका: बिहार राज्य के सन्दर्भ में". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 99-101
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