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VOL. 7, ISSUE 6 (2025)
महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत की वर्तमान में प्रासंगिकता”
Authors
तारा चंद मीना
Abstract
महात्मा गांधी का अहिंसा सिद्धांत केवल राजनीतिक संघर्ष का साधन नहीं था, बल्कि यह एक सार्वभौमिक जीवन-दर्शन है जो मानवता, सत्य और करुणा पर आधारित है। वर्तमान समय में जब विश्व आतंकवाद, सामाजिक हिंसा, धार्मिक असहिष्णुता और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रहा है, तब गांधीजी की अहिंसा की भावना पहले से अधिक प्रासंगिक प्रतीत होती है। अहिंसा आज केवल एक नैतिक मूल्य नहीं, बल्कि शांति, संवाद और वैश्विक सह-अस्तित्व का प्रभावी माध्यम बन सकती है। आधुनिक समाज में व्यक्तिगत जीवन से लेकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों तक, गांधीवादी अहिंसा के सिद्धांत मानवता के स्थायी विकास और नैतिक पुनर्जागरण का मार्ग प्रस्तुत करते हैं
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Pages:19-20
How to cite this article:
तारा चंद मीना "महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत की वर्तमान में प्रासंगिकता”". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 7, Issue 6, 2025, Pages 19-20
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