ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
आधुनिक समाज में बढ़ता पारिवारिक तनाव
Authors
प्रमोद कुमार शर्मा
Abstract
मानव को एक सामाजिक प्राणी बनाने में परिवार की भूमिका अहम है परिवार में रहकर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का विकास करता है और समाज में रहकर वह सहयोग, सामंजस्य, प्रेम आदि की भावना उत्पन्न करता है परिवार में व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक अनेक संस्कारों को ग्रहण करता है।
आधुनिक युग में भौतिकवाद के कारण मनुष्य सुख एवं शक्ति के स्थान पर तनाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। एक दूसरे पर निर्भर न रहने के कारण परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर वैमनस्यता हो जाती है जिसके परिणामस्वरुप आत्महत्या, विवाह विच्छेद आदि जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती हैं आज परिवार का वातावरण दूषित हो गया है। वे अनुकूलन करने में रुचि नहीं दिखाते हैं। आज विपरीत जीवन दर्शन होने से परिवार में तनाव बढ़ता जा रहा है परिवार में नए वैवाहिक जोड़े स्वतंत्र जीवन यापन करना चाहते हैं। यह समस्या शिक्षित समाज में देखने को अत्यधिक मिलती है मनोवैज्ञानिक कारण भी परिवार में तनाव उत्पन्न करते हैं। नई पीढ़ियों के सदस्यों एवं पुरानी पीढ़ियों के सदस्यों के विचारों में भी भिन्नता देखने को मिलती है।
पुराने पीढ़ी के लोग अपनी परंपरागत रीति रिवाज मान्यताओं, प्रथाओं को ही मानते हैं लेकिन नई पीढ़ी के लोग इन्हें स्वीकार करना नहीं चाहते हैं।
पारिवारिक तनाव के लिए व्यक्तिगत कारण भी उत्तरदायी होते हैं व्यक्ति एक दूसरे को शक के दायरे में देखते हैं असंतुष्ट इच्छाऐं भी इसका कारण बनती हैं।
दहेज प्रथा ने भी आज पारिवारिक तनाव को बढ़ावा दिया है जहां व्यक्ति की आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जाता है वहां तनाव की स्थिति आ जाती है। जिस परिवार में लड़की के माता-पिता का हस्तक्षेप शुरू हो जाता है वहीं अशांति उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण महिलाएं आत्महत्या जैसे कदम उठा लेती हैं तथा पुरुष नशा के आदी हो जाते हैं जिससे परिवार में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं।
पारिवारिक तनाव का प्रभाव समाज में पड़ता है जो समाज उन्नति करना चाहता है लेकिन तनाव के कारण उसकी सुख समृद्धि रुक जाती है। राष्ट्रीय संकट भी उत्पन्न हो जाता है।
पारिवारिक तनाव को दूर करने के लिए हमें नैतिक आचरण अपनाना होगा भौतिक मूल्यों को छोड़ना होगा। परिवार में विवाह करते समय बच्चों की रुचियां को ध्यान में रखना चाहिए जिससे पारिवारिक विघटन जैसी स्थिति पैदा न हो सके।
Download
Pages:14-16
How to cite this article:
प्रमोद कुमार शर्मा "आधुनिक समाज में बढ़ता पारिवारिक तनाव". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 14-16
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

