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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 3, ISSUE 2 (2021)
औपनिवेशिक भारत में जाति व्यवस्था की चुनौतियां
Authors
Chitra Raj
Abstract
भारत में जाति व्यवस्था तो सदियों से विराजमान थी लेकिन औपनिवेशिक काल में एक पुस्तक The truth about us: The politics of information from manu to Modi” मे दर्शाया गया है कि आधुनिक भारत में धरम ओर जाति की सामाजिक श्रेणियां कैसे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान विकसित की गई थी। अंग्रेजो ने भारत के स्वदेशी धर्मो की स्वीकृत सूची बनाई, जिसने हिन्दू, सिख और जैन धरम को शामिल किया गया और उनके ग्रंथो में किए गए दावों के आधार पर धर्मो की सीमाएं व कानून तय किए गए। इस शोध पत्र में जातिवादी स्थिति व उसको दूर करने के विभिन्न सुधारकों द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया जा रहा है।
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Pages:36-38
How to cite this article:
Chitra Raj "औपनिवेशिक भारत में जाति व्यवस्था की चुनौतियां ". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 3, Issue 2, 2021, Pages 36-38
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