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VOL. 8, ISSUE 2 (2026)
भारत में जनसंख्या, प्रवास और सतत विकासः चुनौतियाँ और संभावनाएँ
Authors
डॉ0 प्रभात सिंह
Abstract
1.4 अरब से अधिक की आबादी वाला भारत महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों से गुज़र रहा है। देश की जनसंख्या गतिशीलता और आंतरिक व अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के स्वरुप, इसके विकास पथ के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। यह शोधपत्र इस बात का अध्ययन करता है कि जनसंख्या वृद्धि, प्रवास और शहरीकरण भारत में सतत विकास को कैसे प्रभावित करते हैं। यह क्षेत्रीय असमानताओं, शहरी तनाव, जलवायु परिवर्तन और अनौपचारिक श्रम बाजारों से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डालता है, साथ ही जनसांख्यिकीय लाभांश, प्रवासी जुड़ाव और समावेशी नीति ढाँचों के अवसरों की खोज करता है। यह शोधपत्र जनसांख्यिकीय प्रबंधन और प्रवासन शासन को भारत के सतत विकास लक्ष्यों के साथ पंक्तिबद्ध करने की अनुषंसा करने का प्रयास करता है।
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Pages:127-131
How to cite this article:
डॉ0 प्रभात सिंह "भारत में जनसंख्या, प्रवास और सतत विकासः चुनौतियाँ और संभावनाएँ". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 8, Issue 2, 2026, Pages 127-131
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