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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषतः वर्ष 2014 से अबतक: एक विश्लेषण
Authors
आरती कुमारी, उमेश कुमार
Abstract
अपने राष्ट्रीय हित के संवर्द्धन में भारत द्वारा आत्मरक्षा हेतु की जा रही रक्षा तैयारियों के अतिरिक्त अपने सभी पड़ोसियों से मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों की स्थापना का प्रयत्न, विश्व शान्ति की स्थापना में निःशस्त्रीकरण का प्रबल समर्थनएवं विश्व बन्धुत्व की भावनाओं के विकास हेतु सार्थक प्रयास भारतीय विदेश नीति के मुख्य उद्देश्य हैं।यह बात और है कि भारत की उदारता व सदाशयता के बावजूद पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों से उसके (भारत) सम्बन्ध मधुर नहीं हो पा रहे हैं। आज जहाँ आतंकवाद व क्षेत्रीयता जैसी आंतरिक समस्यायें तथा पाकिस्तान की आतंकी समर्थनएवं कश्मीर में उसके द्वारा संचालित अप्रत्यक्षयुद्ध भारतीय सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं, वहीं शीतयुद्ध की समाप्तिएवं विश्व पटल पर सोवियत अनुपस्थिति से उत्पन्न रिक्तिता की पूर्ति हेतु दक्षिणएशिया में अमेरिका की नूतन भूमिका से न केवल भारत अपितु सभी दक्षिणएशियाई राष्ट्र अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त कर रहा है। नवीन विश्व वातावरण में भारतएशिया में अपना सहयोगी प्रभाव क्षेत्र विस्तृत करने की रणनीति पर चल रहा है। विश्व के सभी शक्तिशाली देशों के समर्थन और विश्वास ने भारत को अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति कोएक नया आयाम दिया है। भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ सामूहिक सुरक्षा की स्थापना में समर्थ दिख रहा हैं।
पिछले ग्यारह वर्षों में भारत की रक्षायात्रा साहसिक निर्णयों, रणनीतिक दूरदर्शिता और अटूट संकल्प द्वारा परिभाषित की गई है। स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाने और निर्यात का विस्तार करने से लेकर नवाचार को अपनाने और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने तक, देश ने सच्ची आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। इनोवेशन फॉर फॉर डिफेंसएक्सीलेंस, रक्षा गलियारे और सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जैसी पहल भविष्य के लिए तैयार रक्षा ईको सिस्टम की नींव रख रही हैं। साथ ही, सीमा पार आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। निरंतर निवेश, नीतिगत सुधारों और बढ़ती वैश्विक उपस्थिति के साथ, भारत अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं कर रहा है, बल्कियहएक मजबूत, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का निर्माण कर रहा है। रक्षा बजट में लगातार वृद्धि देखी गई है। रक्षा बजट 2013-14 के 2.53 लाख करोड़रूपए से बढ़कर 2025-26 में 6.81 लाखरूपए हो गया है। प्रस्तुत अध्ययन की विषय-वस्तु भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषतः वर्ष 2014 से अबतक का विश्लेषण है।

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Pages:187-193
How to cite this article:
आरती कुमारी, उमेश कुमार "भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषतः वर्ष 2014 से अबतक: एक विश्लेषण". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 187-193
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