सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत के स्वतंत्रता
संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद 565 से अधिक देशी रियासतों
को भारतीय संघ में एकीकृत करने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक
सेवा (आईएएस) के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसे उन्होंने देश की स्थिरता
और विकास की रीढ़ माना, और इसे ‘स्टील फ्रेम’ कहा। पटेल का नमन यह था कि एक मजबूत प्रशासनिक
तंत्र के बिना देश की अखंडता और लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने यह सुनिश्चित
किया कि भारतीय सिविल सेवा भारतीय नियंत्रण में हो, जिसे आधुनिक भारत के प्रशासन का
मुख्य आधार माना जाता है।
साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा
दिया और देश की विविधता के बावजूद समरसता और अखंडता को बनाये रखने का प्रयास किया।
पटेल ने विवादित रियासतों के शांतिपूर्ण विलय के लिए कूटनीतिक रणनीति, संवाद और आवश्यकतानुसार
सैन्य दखल देने की नीति अपनाई। उनके दृढ़ नेतृत्व एवं दूरदर्शिता की वजह से भारत का
एकीकृत स्वरूप बना और देश को स्थिरता मिली।
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