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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
1857 की क्रांति में किसानों में स्व की चेतना
Authors
डॉ. धीरज कौशिक
Abstract
बंगाल विजय के उपरान्त भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी का भाग्य उदय हुआ। वह धीरे .धीरे एक व्यापारिक कम्पनी से साम्राज्यवादी कम्पनी में बदल गई। लॉर्ड कॉर्नवालिस की भू राजस्व प्रणाली, लॉर्ड वैलेजली की सहायक संधि प्रणाली एवं लॉर्ड डलहौजी की लैप्स की नीति ने भारत में असंतोष उत्पन्न कर दिया। जिसके कारण भारत के प्रत्येक वर्ग में कम्पनी राज के प्रति नफरत पैदा हो गई थी। किसानों में असंतोष का मुख्य कारण तत्कालीन लगान व्यवस्था एवं साहूकारों द्वारा लाभ उठाए जाने से उपजने वाला असंतोष था। जिसके कारण 1757-1857 के बीच किसानों में विदेशी शक्ति के विरुध स्व की अनुभूति होती है।
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Pages:67-69
How to cite this article:
डॉ. धीरज कौशिक "1857 की क्रांति में किसानों में स्व की चेतना". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 67-69
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