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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
राजनीतिक व्यवस्था एवं सामाजिक व्यवस्था में सुधारों के संदर्भ में भारतीय ज्ञान एवं परंपरा का महत्व
Authors
रेनू ठाकुर
Abstract
भारतीय सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था विश्व की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाओं में सर्वाेच्च मानी जाती हैं जिसका कारण यही है कि यह प्राचीन भारतीय ज्ञान एवं परंपराओं के मूल्यों को आज भी स्वयं में समाहित किए हुए हैं जहां सामाजिक व्यवस्था में रहने वाले लोग परस्पर भाईचारे सद्भाव नैतिकता सहयोग आदि मूल्य के साथ सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाए रखते हैं इसी तरह राजनीतिक व्यवस्था के आदर्शों में भी लोकतांत्रिक शक्ति जनता के हाथों में प्रदत्त है जिससे स्पष्ट है कि देश के शासक हेतु देश की जनता महत्वपूर्ण है ना कि राजनीतिक सत्ता क्योंकि शासक प्रजा हेतु पिता समान होता हैं और ये मूल्य प्राचीन ग्रंथों रामायण महाभारत ऋग्वेद एवं उपनिषद आदि से ग्रहण किए हैं इस प्रकार ये सिद्ध होता हैं कि ये सभी ग्रंथ वर्तमान भारतीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था की नींव है 
परंतु बढ़ते हुए विकास के साथ पाश्चात्य संस्कृति के संपर्क में आने के कारण धीरे-धीरे लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल्य का महत्व कम होता जा रहा है जहां प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य जन कल्याण कम और सत्ता प्राप्ति का लालच बढ़ता जा रहा है इसी कारण राजनीतिक एवं सामाजिक व्यवस्था में सुधार हेतु एक बार फिर से भारतीय ज्ञान एवं परंपरा के मूल्यों को प्रति देश के जन प्रतिनिधियों में जगाना आवश्यक हो गया हैं भारतीय ज्ञान और परंपरा हमारे प्रशासनिक ढांचे में गहरा महत्व रखती है। चाहे वो प्रशासनिक नैतिकता हो नीति-निर्माण की प्रक्रियाएँ या रोज़मर्रा के प्रशासनिक कार्य भारतीय परंपरा और विचारधारा का समावेश कई स्तरों पर देखने को मिलता है।
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Pages:6-8
How to cite this article:
रेनू ठाकुर "राजनीतिक व्यवस्था एवं सामाजिक व्यवस्था में सुधारों के संदर्भ में भारतीय ज्ञान एवं परंपरा का महत्व". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 6-8
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