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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
सारंगढ़ तहसील में कृषि जोत का आकारः एक भौगोलिक अध्ययन
Authors
केदार नाथ नायक, डॉ. एस. आर. कमलेश
Abstract
कृषि विकास तथा उपयुक्त फसलों के निर्णय में कृषक की जोत का आकार महत्वपूर्ण होता है। जोत के आकार सीधे कृषि के प्रकार और गहनता से संबंधित होते है। जोत के आकार का कृषक के जीवन स्तर से घनिष्ठ संबंध होता है। कृषि जोत का क्षेत्रफल कृषि उत्पादन क्षमता में परिवर्तन लाता है। इसी प्रकार सम्पूर्ण कृषि जो एक खण्ड न होकर अनेक खण्डों में विभक्त हो सकती है जो उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है। छोटे कृषकों के पास साधन पर्याप्त न होने के कारण उत्पादन न्यून होता है। जबकि बड़े कृषक अपनी समस्त कृषि भूमि पर एक समान कार्य निपुणता के साथ फसलें पैदा नहीं करते । अतएव अनुकूलतम जोत के आकार की कल्पना की जाती है। जोत के आकार पर कृषि के मापक जैसे कृषि यंत्रों की संख्या, यांत्रिक शक्ति निवेश की मात्रा उत्पादन तकनीक एवं कृषि उत्पादन क्षमता आदि निर्भर होता है।
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Pages:1-3
How to cite this article:
केदार नाथ नायक, डॉ. एस. आर. कमलेश "सारंगढ़ तहसील में कृषि जोत का आकारः एक भौगोलिक अध्ययन". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 1-3
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