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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 5, ISSUE 1 (2023)
क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की भूमिका : बिहार के विशेष संदर्भ में
Authors
नरेन्द्र भारती
Abstract
अपनी जनसंख्या के कारण भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र कहलाता है। विश्व के सबसे बडे़ लोकतांत्रिक देश भारत की विशेषता संसदीय प्रणाली, संघीय ढ़ांचा और बहुदलीय शासन प्रणाली की व्यवस्था है। ये संस्थायें लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीय लोकतंत्र में राष्ट्रीय दलों से कम महत्वपूर्ण भूमिका क्षेत्रीय दलों ने भी नहीं निभायी है। भारत के चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर दलीय प्रतियोगिता की स्थिति की समीक्षा की जाती है। सभी राजनीतिक दलों को जो राज्य विधानमंडल या संसदीय चुनाव में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें भारत के चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत होना आवश्यक है। पंजीकृत दलों को उनकी पार्टी की चुनावी सफलता के मानदंड पर राष्ट्रीय या राज्य स्तर की पार्टियों के रूप में मान्यता दी जाती है। चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त दल को आरक्षित चुनाव चिन्ह, राज्य द्वारा संचालित टेलीविजन और रेडियो पर मुफ्त प्रसारण समय, चुनाव की तारीखों के निर्धारण में परामर्श और चुनावी नियमों और विनियमों को स्थापित करने में सुझाव देने जैसे विशेषाधिकार प्राप्त है। भारत के चुनाव आयोग (2021) के आधिकारिक प्रकाशन के अनुसार, भारत में पंजीकृत दलों की कुल संख्या 2858 है, जिनमें से 8 राष्ट्रीय दल है, 54 राज्य दलों के रूप में मान्यता प्राप्त हैं और 2796 गैर-मान्यता प्राप्त दल हैं। भारतीय दलीय प्रणाली व्यवस्था में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय दलों की भूमिका एवं उपस्थिति लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्षेत्रीय दल ‘‘ऐसी पार्टी, जो आम तौर पर एक सीमित भौगोलिक क्षेत्र में काम करती है और इसकी गतिविधियां केवल एक या कुछ राज्यों तक ही सीमित होती है।’’ इसके अलावा राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अधिक व्यापक उद्देश्यों की तुलना में ये क्षेत्रीय दल एक विशेष क्षेत्र के हितो, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। क्षेत्रीय दल आवश्यक रूप से संबंधित विशिष्ट मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, जैसे-नदी जल का बंटवारा, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करने के उपाय, सुदृढ़ शिक्षा की व्यवस्था करना, लोगों को स्थानीय जरूरतों को पूरा करना आदि। सरल शब्दों में कहा जाए तो क्षेत्रीय दल अपने उद्देश्य एवं दृष्टिकोण दोनों ही मामलों में राष्ट्रीय दलों से भिन्न होते हैं; संचालन के साथ-साथ उनके द्वारा अपनाएं जाने वाले तरीके भी भिन्न होते हैं।
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Pages:93-96
How to cite this article:
नरेन्द्र भारती "क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की भूमिका : बिहार के विशेष संदर्भ में". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 5, Issue 1, 2023, Pages 93-96
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