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International Journal of
Social Science and Humanities
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VOL. 2, ISSUE 2 (2020)
कौटिल्य के आर्थिक विचारः एक अध्ययन
Authors
डॉ. पुष्पा देवांगन, डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन
Abstract
कौटिल्य के आर्थिक विचार आज भी प्रासंगिक है। उन्होने अर्थशास्त्र के सभी विभागों पर विचार किया। इनके अन्तर्गत कौटिल्य ने अर्थव्यवस्था की मुख्य समस्याओं पर भी विचार किया कि किन वस्तुओं का उत्पादन कैसे किया जाये, विनिमय, वितरण तथा आर्थिक विकास कैसे हा, आय-व्यय में किस प्रकार सामंजस्य स्थापित किया जाये। कौटिल्य अर्थव्यवस्था की नींव है। कौटिल्य कृषि को प्रथम तथा उद्योग को द्वितीय स्थान प्रदान किया था जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव है। उद्योग कृषि पर ही आधारित है। उन्होने कृषि एवं उद्योग के विकास पर पर्याप्त बल दिया।
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Pages:80-81
How to cite this article:
डॉ. पुष्पा देवांगन, डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन "कौटिल्य के आर्थिक विचारः एक अध्ययन". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 2, Issue 2, 2020, Pages 80-81
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